नवंबर 18, 2025 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर PhysicsWallah Ltd. का शेयर लिस्ट हुआ — और बाजार ने इसे गर्मजोशी से स्वागत किया। शेयर ने ₹145 के स्तर पर शुरुआत की, जो अंतिम आईपीओ मूल्य ₹109 के मुकाबले 33% अधिक था। ये निकास सिर्फ एक अच्छा प्रदर्शन नहीं था — ये भारतीय शिक्षा टेक के इतिहास में एक मोड़ था। जब दो साल पहले लाखों रुपये के निवेश के साथ बने edtech बिजनेस टूट रहे थे, तब PhysicsWallah ने अपनी नीति के साथ सबको हैरान कर दिया। ये कोई नए विचार की बात नहीं, बल्कि एक पुरानी, अच्छी तरह से समझी गई रणनीति की जीत थी: सस्ता, दर्जनों शहरों तक पहुंचने वाला, YouTube पर बना हुआ शिक्षण।
आईपीओ का अंदाज़: जब निवेशकों ने बनाया तूफान
PhysicsWallah का आईपीओ 11 नवंबर से 13 नवंबर 2025 तक खुला। ₹103-109 प्रति शेयर की कीमत बैंड में, कंपनी ने ₹3,480.71 करोड़ की राशि जुटाई। इसमें ₹3,100.71 करोड़ नई पूंजी थी, जो कंपनी के विस्तार के लिए जाएगी, और ₹380 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS), जिसमें संस्थापक अलख पांडेय और प्रतीक बूब ने अपना हिस्सा बेचा। शेयर का लॉट साइज़ 137 था — छोटे निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹14,933। आम आदमी के लिए ये एक बड़ा अवसर था। पूरी आईपीओ का सब्सक्रिप्शन 1.81 गुना रहा, लेकिन यहां एक बड़ा ट्विस्ट था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने 2.70 गुना सब्सक्राइब किया। ये निवेशक अक्सर बाजार की दिशा तय करते हैं। उनका भरोसा बताता है कि PhysicsWallah का बिजनेस मॉडल स्थिर है। अगर QIBs ने इतना खरीदा, तो ये बात बहुत ज्यादा मायने रखती है। रिटेल निवेशकों ने सिर्फ 1.06 गुना सब्सक्राइब किया — लेकिन ये भी अच्छा है, क्योंकि आजकल शिक्षा टेक में रिटेल निवेशक बहुत सावधान हो गए हैं।क्यों इतना बड़ा प्रीमियम? ग्रे मार्केट ने भी गलत अनुमान लगाया
आईपीओ से पहले ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम सिर्फ 13% था। नवंबर की शुरुआत में तो ये सिर्फ ₹7 (6.42%) तक था। लेकिन लिस्टिंग के दिन, बाजार ने सब कुछ बदल दिया। ₹145 का ओपनिंग प्राइस दिखाता है कि निवेशक अब शिक्षा टेक में नए नियम बना रहे हैं। वे अब सिर्फ यूजर ग्रोथ नहीं, बल्कि कैश फ्लो और मार्जिन पर नजर रख रहे हैं। PhysicsWallah ने कभी भी बड़े-बड़े अडवरटाइजिंग बजट नहीं बनाए। इसकी सफलता यूट्यूब पर अलख पांडेय के वीडियोज़ की थी — 13.7 मिलियन सब्सक्राइबर्स, 4.46 मिलियन पेड यूजर्स। ये एक ऐसा मॉडल है जिसमें टेक्नोलॉजी और कंटेंट एक साथ काम करते हैं। अब बाजार ने इसे वैल्यू किया है — ₹40,922 करोड़ की कंपनी के रूप में।पैसा कहां जा रहा है? विस्तार की रणनीति
आईपीओ से जुटाए गए ₹3,100.71 करोड़ का इस्तेमाल बहुत स्पष्ट तरीके से किया जा रहा है। ज्यादातर पैसा बड़े खर्चों पर जा रहा है:- ₹710 करोड़ (22.9%) — मार्केटिंग और ब्रांडिंग
- ₹200.11 करोड़ (6.46%) — सर्वर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर
- ₹1,073.66 करोड़ (34.63%) — अन्य कंपनियों का अधिग्रहण और सामान्य कार्य
- ₹75.72 करोड़ — Xylem Learning और Utkarsh Classes के लिए लीज़ और शेयर खरीद
प्रतिद्वंद्वी और बाजार का बदलता चेहरा
PhysicsWallah के सामने Aakash, BYJU’S, Allen और upGrad जैसे विशाल नाम हैं। लेकिन अब बाजार बदल गया है। BYJU’S ने अपना बिजनेस मॉडल बदला, Aakash ने कई सेंटर्स बंद किए, Allen ने अपनी लागत कम करने की कोशिश की। PhysicsWallah ने इसी दौर में अपनी ताकत बनाई — बिना बड़े बजट के, बिना बड़े एड्स के, बस अच्छे कंटेंट और ग्रामीण युवाओं की जरूरतों को समझकर। एक विश्लेषक ने कहा, "ये एक ऐसा मॉडल है जो असली जरूरतों को जानता है। अब बाजार उसी को रिवॉर्ड कर रहा है।" ये बात बहुत साफ है — शिक्षा टेक में अब वो जीत रहा है जो बड़े नाम नहीं, बल्कि बड़े लोगों की आवाज़ सुनता है।अगले कदम: लॉक-इन और बाजार की जांच
अब निवेशकों की नजर लॉक-इन पीरियड पर है। एंकर इन्वेस्टर्स के शेयर्स का 50% 14 दिसंबर 2025 को रिलीज़ होगा, और बाकी 50% 12 फरवरी 2026 को। अगर इन शेयर्स को बेचा जाएगा, तो बाजार में दबाव बन सकता है। लेकिन अगर वे रखते हैं — तो ये PhysicsWallah के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा संकेत होगा। कंपनी को अब अपने आय और मार्जिन को लगातार बढ़ाना होगा। ₹40,922 करोड़ की कीमत एक बड़ी उम्मीद है। अगर अगले दो साल में आय 30% से ज्यादा नहीं बढ़ी, तो बाजार इसे ओवरवैल्यूड कहेगा।इतिहास का एक नया पन्ना
PhysicsWallah का आईपीओ सिर्फ एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं है। ये भारतीय शिक्षा के भविष्य का एक नया नमूना है — जहां शिक्षा अब शहर के ऊपर नहीं, बल्कि व्यक्ति की जरूरत पर आधारित है। अलख पांडेय ने कभी नहीं कहा था कि वो एक बिलियन डॉलर की कंपनी बनाएगा। उन्होंने सिर्फ कहा था — "हर उस बच्चे के लिए अच्छी पढ़ाई उपलब्ध होनी चाहिए, चाहे वो राजस्थान का हो या बिहार का।" और आज, बाजार ने उस विचार को ₹40,922 करोड़ में बदल दिया है।अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PhysicsWallah का आईपीओ क्यों इतना सफल हुआ, जबकि अन्य edtech कंपनियां टूट रही थीं?
PhysicsWallah ने बड़े बजट और विज्ञापनों की जगह कंटेंट और कीमत पर फोकस किया। यूट्यूब पर 13.7 मिलियन सब्सक्राइबर्स और 4.46 मिलियन पेड यूजर्स इसकी सफलता का सबूत हैं। अन्य कंपनियां निवेशकों के लिए उम्मीदें बढ़ाकर बड़े खर्च कर रही थीं, जबकि PhysicsWallah ने लाभ के साथ विस्तार किया — यही अंतर था।
अलख पांडेय और प्रतीक बूब ने आईपीओ में क्या भूमिका निभाई?
अलख पांडेय ने कंटेंट और ब्रांड का निर्माण किया, जबकि प्रतीक बूब ने ऑपरेशन और वित्तीय ढांचा बनाया। दोनों ने ऑफर-फॉर-सेल में ₹380 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे उन्होंने अपना हिस्सा निकाला। लेकिन वे अभी भी कंपनी के नेतृत्व में हैं, जिससे निवेशकों को भरोसा हुआ कि नेतृत्व स्थिर रहेगा।
ऑफलाइन सेंटर्स का क्या महत्व है?
PhysicsWallah के 303 ऑफलाइन सेंटर्स टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं, जहां ऑनलाइन क्लासेस के लिए इंटरनेट या डिवाइस की कमी होती है। ये सेंटर्स उन बच्चों के लिए जीवनरेखा हैं, जो घर पर अकेले पढ़ नहीं सकते। इसलिए इनमें निवेश करना एक रणनीतिक फैसला है — ये उनके बाजार की जरूरत को पूरा करता है।
क्या PhysicsWallah का वैल्यूएशन अधिक है?
₹40,922 करोड़ का वैल्यूएशन अभी बहुत ऊंचा लगता है, खासकर जब उनकी आय का आंकड़ा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ। लेकिन बाजार उनकी ग्रोथ पोटेंशियल और कैश फ्लो पर भरोसा कर रहा है। अगले दो साल में आय में 25-30% की बढ़ोतरी होनी चाहिए, नहीं तो शेयर कीमत गिर सकती है।
लॉक-इन पीरियड के बाद क्या होगा?
14 दिसंबर और 12 फरवरी को एंकर इन्वेस्टर्स के शेयर्स बाजार में आएंगे। अगर वे बेचना चाहेंगे, तो शेयर कीमत पर दबाव पड़ सकता है। लेकिन अगर वे रखते हैं, तो ये PhysicsWallah के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा संकेत होगा — जिसका मतलब है कि बड़े निवेशक इस कंपनी में लंबे समय तक भरोसा करते हैं।
क्या PhysicsWallah अब भारत का नंबर वन edtech ब्रांड बन गया है?
अभी तक, नहीं। BYJU’S और Allen के पास अभी भी बड़े बजट और ब्रांड वैल्यू हैं। लेकिन PhysicsWallah अब उन नए नियमों के अनुसार नेतृत्व कर रहा है — जहां लाभ, ग्रामीण पहुंच और टिकाऊ मॉडल सबसे महत्वपूर्ण हैं। ये एक नया नमूना है, और अगले वर्ष तक ये नंबर वन बन सकता है।
Arjun Kumar
ये सब तो बहुत अच्छा लगा पर असल में BYJU'S ने तो बस बजट बढ़ाया था, PhysicsWallah ने तो सिर्फ एक टीचर की आवाज़ से देश बदल दिया।
Mona Elhoby
अलख पांडेय के बिना ये कंपनी क्या होती? ये तो बस एक आदमी के बहुत सारे वीडियो का बाजार में फायदा उठाना है और अब निवेशकों को लग रहा है कि ये एक ब्रांड है... बस एक आदमी की आवाज़ ने सब कुछ बदल दिया है और अब लोग इसे टेक कंपनी कह रहे हैं... अरे भाई ये तो एक यूट्यूबर है जिसने अपने घर के कमरे से देश बदल दिया है
RAJA SONAR
इतना प्रीमियम तो बस इसलिए क्योंकि लोगों को अभी भी लगता है कि शिक्षा टेक में पैसा है अगर ये अलख पांडेय के वीडियो नहीं होते तो क्या कोई इसे देखता? ये तो बस एक फैशन है जिसे बाजार ने बना दिया है
Mukesh Kumar
ये बहुत बढ़िया है! जब तक बड़े ब्रांड्स बजट खर्च कर रहे थे PhysicsWallah ने असली काम किया। ये जो ऑफलाइन सेंटर हैं वो बहुत जरूरी हैं खासकर छोटे शहरों में। जय हिंद!
Shraddhaa Dwivedi
मैं उत्तर प्रदेश की एक छोटी सी गांव से हूँ और मैंने PhysicsWallah की क्लासेस से ही अपना जीवन बदला। ये बस एक कंपनी नहीं है, ये एक आशा है। अलख भैया ने जो किया वो कोई नहीं कर पाया।
Govind Vishwakarma
अगर आय अगले दो साल में 30% नहीं बढ़ी तो शेयर गिरेगा और फिर लोग कहेंगे कि ये फेल हो गया। लेकिन ये तो बस एक बाजार का खेल है। निवेशक तो अभी भी एक वीडियो चैनल को बिलियन डॉलर की कंपनी समझ रहे हैं।
Jamal Baksh
यह एक ऐतिहासिक क्षण है। भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा मॉडल जो ग्रामीण युवाओं की जरूरतों को प्राथमिकता देता है, बाजार द्वारा स्वीकार किया गया है। यह एक नए युग की शुरुआत है।
Shankar Kathir
मैंने PhysicsWallah के वीडियो देखे हैं और वो असल में बहुत अच्छे हैं। अलख पांडेय की बोलने की तरीका बहुत आसान है और उनकी बातों में एक असली ऊर्जा है। लेकिन ये बाजार का रिएक्शन थोड़ा ज्यादा ही हो गया है। जब तक आय और मार्जिन बढ़ते रहेंगे तब तक ये स्थिर रहेगा। अगर नहीं तो ये भी एक और बुलबुला बन जाएगा।
Bhoopendra Dandotiya
इस बार बाजार ने उस बात को समझा जो हम लोगों ने सालों से कहा था - अच्छा कंटेंट, अच्छी कीमत, और ग्रामीण दरवाज़े खोलना। ये एक बड़ा विजय है। अब देखना होगा कि क्या ये विस्तार गुणवत्ता के साथ चलता है या सिर्फ आकार में बड़ा हो जाता है।
Firoz Shaikh
यह एक अत्यंत प्रेरक घटना है। शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐसा उदाहरण जहां विज्ञापन बजट के बजाय गुणवत्ता और व्यापक पहुंच ने विजय प्राप्त की है। यह भारतीय उद्यमशीलता की एक नई परिभाषा है।
Uma ML
अलख पांडेय के वीडियो देखो तो लगता है कि ये बस एक बेवकूफ आदमी है जो बोल रहा है और लोग उसे पैसा दे रहे हैं। ये तो बस एक ट्रेंड है जिसे बाजार ने बढ़ाया है। अगर ये कंपनी अब गुणवत्ता खो देती है तो ये तुरंत गिर जाएगी।
Saileswar Mahakud
मैंने अपने भाई को PhysicsWallah से पढ़ाया और वो अब IIT में है। ये कंपनी ने हमारे घर की जिंदगी बदल दी। इसके लिए धन्यवाद।
Rakesh Pandey
बस एक बात बताओ क्या अब ये ऑफलाइन सेंटर्स भी उतने ही अच्छे होंगे जितने वीडियो हैं? ये बस एक ब्रांडिंग ट्रिक है ना? लोग तो अभी भी अलख पांडेय के वीडियो देखते हैं ना ऑफलाइन क्लासेस नहीं
aneet dhoka
ये सब एक बड़ा धोखा है। निवेशक तो अभी भी एक यूट्यूबर के वीडियो को कंपनी समझ रहे हैं। अगर अलख पांडेय अचानक चले जाएं तो क्या होगा? ये सब एक बड़ा फेक है। लोगों को बस एक आशा दी जा रही है और उन्हें पैसे देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
Harsh Gujarathi
जय हिंद 🇮🇳 ये बहुत अच्छा है! PhysicsWallah ने दिखाया कि असली शिक्षा कहाँ से शुरू होती है। अलख भैया की बातें दिल को छू जाती हैं 😊
Senthil Kumar
ये बहुत अच्छा है। बस ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहिए। क्लासेस अच्छी हैं, बस उसी तरह चलते रहो।
Rahul Sharma
यह एक अद्वितीय उदाहरण है कि कैसे एक साधारण व्यक्ति अपनी जुनून और लगन से एक राष्ट्रीय पहल बना सकता है। PhysicsWallah का मॉडल न केवल शिक्षा को बदल रहा है बल्कि इसके आर्थिक ढांचे को भी पुनर्परिभाषित कर रहा है।
Ayushi Kaushik
मैंने PhysicsWallah के वीडियो देखे थे और मुझे लगा कि ये बस एक अच्छा टीचर है। अब जब ये इतना बड़ा हो गया है तो मैं बस इतना कह सकती हूँ - जिसने एक वीडियो बनाया, उसने एक पीढ़ी बदल दी।
Basabendu Barman
ये सब तो बस एक गुप्त नियोजन है। निवेशक अभी भी ये सोच रहे हैं कि ये टेक कंपनी है लेकिन असल में ये एक बड़ा नेटवर्क है जो छोटे शहरों में नौकरियां बना रहा है और फिर उन्हें दबाकर रख रहा है। अलख पांडेय को भी अब अपने वीडियो बनाने नहीं दिया जा रहा है।
Krishnendu Nath
ये बहुत बढ़िया है भाई! PhysicsWallah ने दिखाया कि असली शिक्षा बिना बड़े बजट के भी हो सकती है। अलख भैया की बातें बहुत अच्छी हैं और मैं उनकी हर क्लास देखता हूँ 🙌