भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री of पंजाब सरकार, ने मंगलवार, 25 मार्च 2026 को एक ऐसी रिपोर्ट कार्ड सौंपी जिससे खेल प्रेमियों की नजरें सीधी बुद्धि तक उठ गई। चार साल के इस कार्यकाल में पंजाब का खेल बजट सिर्फ 350 करोड़ से बढ़कर 1,791 करोड़ हो गया है। यह कोई आमतूकादमी का मामला नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं को सुनसान रास्ते से दूर खींच लाने की ठोस कसरत है।

यह तैयारी कैसे हुई? गौर तब होगा जब 2023 में नई खेल नीति लागू हुई थी। इस नीति को आधार बनाते हुए ही सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और पंजाब की पहचान गढ़ने का वादा किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त पोषण में इतनी क्रांतिकारी भरारी आना दुर्लभ है।

आर्थिक सहयोग और एथलीट समर्थन

क्या आपके पास ओलिम्पिक जीतने का संभावना है? सरकार ने स्पष्ट नियम बनाने का फैसला लिया है। ओलिम्पिक तैयारी के लिए हर खिलाड़ी को 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। वहीं, एशियाई गेम्स के खिलाड़ियों के लिए 8 लाख रुपये का प्रावधान है।

एशियाई खेल 2023 में पंजाब के खिलाड़ियों ने इतिहास रचा था। कुल 20 मेडल जीता गया, जो किसी भी समय सबसे बेहतरीन रिकॉर्ड कहा जा सकता है। फ्रांस के पेरिस 2024 में भाग लेने वाले कांस्री पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये और एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वालों को भी इतनी ही रकम दी गई। यह धन राशि सीधे खिलाड़ियों के खातों में जाती है ताकि उन्हें जीवन निर्वाह की चिंता करके खेल छोड़ने की जरूरत न पड़े।

संरचनात्मक परिवर्तन और कृत्रिम मैदान

सिर्फ पैसा देने से काम नहीं चलता, जमीन पर बदलाव दिखना चाहिए। सरकार ने 3,100 खेल क्षेत्रों का निर्माण शुरू किया है। इनके लिए कुल खर्च 1,350 करोड़ रु. है। इसके अलावा 3,000 जिमों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है, जिसमें 101.8 करोड़ रु. लग रहे हैं।

मोहली, बठिंडा और लudhiअाना जैसे शहरों में हकीकी घास की जगह एस्ट्रोटाफर (AstroTurf) लगा दिया गया है। मोहली में नए सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण 9 करोड़ रुपये में हुआ है। खेल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए 17,000 खेल किट्स बांटे गए हैं, जिनमें क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल सेट शामिल हैं। गांवों में इन किट्स का वितरण 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था और पूरी प्रदेश में जून 2026 तक निपटारा होने की उम्मीद है।

कोचिंग और चिकित्सा आधार

कोचिंग और चिकित्सा आधार

खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए सिर्फ मैदान काफी नहीं होता। पिछले चार साल में कोचों की संख्या 500 से बढ़कर 2,458 हो गई है। यह लगभग पांच गुना का विस्तार है। 'खेलन वतन पंजाब दीयां' नामक पहल ने ग्रामीण स्तर से लेकर राज्य स्तर तक पहुंच बनाई है। इसमें भागीदारी 1.5 लाख से बढ़कर अब लगभग 5 लाख खिलाड़ियों तक पहुंच चुकी है।

साथ ही, खेल चिकित्सा शाखा में 113 पद बनाए गए हैं, जिनमें से 92 भरे जा चुके हैं। डॉक्टर और भौतिक चिकित्सक अब अमृतसर, पटियाला और अन्य प्रमुख शहरों में सक्रिय हैं। ये कर्मचारी खिलाड़ियों को चोटों से सुरक्षा और रेहैबिलिटेशन (Rehabilitation) दे रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय आयोजन और माओक्स के खिलाफ लड़ाई

अंतरराष्ट्रीय आयोजन और माओक्स के खिलाफ लड़ाई

हॉकी एशियन चैंपियंस टrophyपंजाब पंजाब के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसे पहले कभी भी अपने पास करने की छुट्टी नहीं मिली थी। यह आयोजन अक्टूबर 2026 में होगा। मैच जलंधर के बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम और सुरजीत हॉकी स्टेडियम में होंगे। साथ ही, राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप (उम्र 13 वर्ष) भी 40 साल के अंतराल के बाद पंजाब में होगी।

यह सब विकास सिर्फ ट्रॉफी के लिए नहीं है। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया है कि 'युद्ध नशा विरुद्ध' अभियान का हिस्सा खेल है। नशा तोड़ने के लिए युवाओं को उत्पादक गतिविधियों में लाना ही असली दवा है। यमुना भवन जैसे नए केंद्र 43 करोड़ के खर्चे से बनेंगे। डिजिटल पोर्टल पर डीबीटी, पुरस्कार और पेंशन की जानकारी अब एक ही जगह मिलेगी। यह सुविधा जून 2026 तक पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी।

Frequently Asked Questions

खेल बजट में क्या बदलाव आए हैं?

पंजाब सरकार ने खेल बजट को 350 करोड़ से बढ़ाकर 1,791 करोड़ रुपये कर दिया है, जो कि पिछले चार वर्षों में लगभग पांच गुने वृद्धि को दर्शाता है।

ऑलिम्पिक एथलीट्स को कितनी सहायता मिलेगी?

निश्चित तौर पर, ओलिम्पिक तैयारी में शामिल एथलीट्स को 15 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी और एशियाई खेलों के लिए 8 लाख रुपये का प्रावधान है।

नशा विरोधी अभियान में खेल की क्या भूमिका है?

मुख्यमंत्री मान ने बताया कि खेल सुविधाएं युवाओं को नशे के बुरे प्रभाव से दूर रखने की दवा की तरह काम करेंगी और उत्पादक गतिविधियों में लगाएंगे।

हॉकी एशियन चैंपियंस टrophy कब और कहाँ होगी?

यह प्रतियोगिता अक्टूबर 2026 में पंजाब में होगी, जिसके मैच जलंधर स्थित बलबीर सिंह सीनियर और सुरजीत हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे।

क्या सभी खेल किट्स का वितरण पूर्ण हो गया है?

17,000 खेल किट्स वितरित किए गए हैं, जिनमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 5,600 का वितरण मार्च 2026 तक हुआ था और पूरा राज्य जून 2026 तक कवर होने की संभावना है।

Subhranshu Panda

मैं एक पेशेवर पत्रकार हूँ और मेरा मुख्य फोकस भारत की दैनिक समाचारों पर है। मुझे समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना बहुत पसंद है।