विनोद कांबली का विवादित वीडियो और प्रशंसकों की चिंता
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली के एक वीडियो ने 6 अगस्त 2024 को सोशल मीडिया पर धूम मचा दी। इस वीडियो में 52 वर्षीय कांबली को असहाय हालत में चलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होते ही प्रशंसकों में हलचल मच गई और उन्होंने तत्काल उनकी घनिष्ठ मित्र और क्रिकेट लीजेंड सचिन तेंदुलकर से मदद की गुजारिश शुरू कर दी।
हालांकि हिंदुस्तान टाइम्स इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर पाया है और ना ही यह जान सका है कि यह वीडियो हाल का है या पहले का। यह भी सुनिश्चित नहीं हो सका है कि कांबली ही इस वीडियो में नजर आ रहे हैं। लेकिन इस वीडियो ने एक बार फिर कांबली के स्वास्थ्य पर प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है।
पिछले एक दशक में कांबली को कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। 2013 में उन्हें दिल का दौरा पड़ा था और 2012 में उनके दो बंद धमनियों पर एंजियोप्लास्टी की गई थी। इस वायरल वीडियो के बाद प्रशंसकों ने सचिन तेंदुलकर को टैग करके उनसे कांबली की मदद करने की अपील की है।
सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की दोस्ती की कहानी
सचिन और कांबली की दोस्ती करीब चार दशकों पुरानी है। दोनों ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत मुंबई से की थी और उन्हें स्वर्गीय रमाकांत आचरेकर ने प्रशिक्षण दिया था। सचिन ने 1989 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की, जबकि कांबली ने 1991 में शारजाह में अपने पहले वन-डे मैच में भारतीय जर्सी पहनी।
विनोद कांबली ने 1991 से 2000 के बीच 104 वन-डे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 14 अर्धशतक और दो शतक सहित कुल 2477 रन बनाए। उन्होंने 17 टेस्ट मैचों में भी खेला, जहां उन्होंने 1084 रन बनाए। कांबली का अंतरराष्ट्रीय करियर 2000 में समाप्त हो गया और उन्होंने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। साथ ही, 2011 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से भी विदा ली।
दूसरी तरफ, सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्ट मैच और 463 वन-डे मैच खेले, जिनमें उन्होंने 100 शतक और 54 अर्धशतक सहित 34,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन बनाए। सचिन ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया।
दोनों खिलाड़ियों की दोस्ती का किस्सा क्रिकेट जगत में मशहूर है। 10 और 12 साल की उम्र में शुरू हुई उनकी दोस्ती आज भी बरकरार है। जहां सचिन ने अपने खेल से दुनिया भर में नाम कमाया, वहीं कांबली के करियर में उथल-पुथल भरे दौर आए।
कांबली की स्वास्थ्य समस्याएं
विनोद कांबली का करियर चाहे जितना भी शानदार रहा हो, लेकिन उनके स्वास्थ्य ने हमेशा से उन्हें चुनौतियों का सामना करने पर मजबूर किया है। 2012 में एंजियोप्लास्टी ने उन्हें कमजोर कर दिया और 2013 में दिल का दौरा पड़ने से उनके स्वास्थ्य को काट डाला।
जिस वीडियो ने हाल ही में सोशल मीडिया पर तहलका मचाया है, उसमें कांबली की हालत देख कर साफ जाहिर होता है कि उन्हें किसी प्रकार की चिकित्सीय सहायता की तुरंत आवश्यकता है। यद्यपि यह वीडियो कितना प्रामाणिक है, यह सुनिश्चित नहीं हो पाया है, किंतु प्रशंसकों की चिंताएं बिना कारण नहीं हैं।
सचिन तेंदुलकर की प्रतिक्रिया
इस वायरल वीडियो के बाद प्रशंसकों ने सचिन तेंदुलकर को टैग करके उनसे मामले में दखल देने की अपील की है। हालांकि अब तक सचिन की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनके और कांबली की दोस्ती को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द ही इस पर कुछ पहल करेंगे।
सोशल मीडिया की भूमिका
सोशल मीडिया आज के युग में किसी भी जानकारी को फैलाने का सबसे तेज माध्यम है। यह वीडियो भी इसकी एक जीती-जागती मिसाल है। वीडियो सामने आते ही प्रशंसकों ने इसे तेजी से साझा किया और एक बड़ी संख्या में लोग इसे लेकर चिंतित हो गए।
सोशल मीडिया पर एक उपयोगकर्ता ने लिखा, 'सचिन पाजी, कृपया कांबली भाई की मदद करें।' वहीं, कई अन्य प्रशंसकों ने भी ऐसी ही अपीलें की है। बरहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि सचिन तेंदुलकर और अन्य क्रिकेट जगत के हस्तियां इस दिशा में क्या कदम उठाते हैं।
अंतिम शब्द
हम आशा करते हैं कि यह मामला जल्द ही सुलझ जाएगा और विनोद कांबली को उचित चिकित्सीय सहायता प्राप्त होगी। भारत में क्रिकेट का महत्वपूर्ण स्थान है और इसके खिलाड़ियों की स्थिति को लेकर समय-समय पर इसी प्रकार की चिंताएं सामने आती रहती हैं। कांबली जैसे महान खिलाड़ी को किसी भी प्रकार की कठिनाई से बाहर निकालने में सचिन तेंदुलकर का योगदान महत्वपूर्ण हो सकता है।
Sagar Jadav
ये वीडियो फेक है। कांबली को अभी तक कोई अस्पताल में नहीं भर्ती किया गया।
Sharad Karande
विनोद कांबली के स्वास्थ्य स्थिति का विश्लेषण करने के लिए, हमें उनके पिछले कार्डियोवैस्कुलर इंटरवेंशन्स-विशेषकर 2012 के डबल एंजियोप्लास्टी और 2013 के MI के बाद के रिहैबिलिटेशन प्रोटोकॉल को रेफर करना होगा। यदि यह वीडियो ऑथेंटिक है, तो उनकी मोटर फंक्शनल डिग्रेडेशन का अर्थ है कि उन्हें नियमित कार्डियो रिहैबिलिटेशन और न्यूरोमस्कुलर एसेसमेंट की आवश्यकता है।
Dr. Dhanada Kulkarni
हमें उम्मीद है कि सचिन जी जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे। विनोद भाई ने हमारे खेल को इतना कुछ दिया है-अब हमारी बारी है कि उनकी देखभाल करें।
Rishabh Sood
क्या हम सिर्फ एक वीडियो के आधार पर एक जीवन की अंतिम यात्रा के लिए तैयार हो रहे हैं? क्या हमारी संवेदनशीलता इतनी भावनात्मक हो गई है कि हम वास्तविकता के बजाय ड्रामा को पूजते हैं? यह एक निर्मम सामाजिक अभिनय है-एक असली इंसान के लिए नहीं, बल्कि एक वायरल मीम के लिए।
Saurabh Singh
सचिन को ये सब क्यों करना पड़ रहा है? कांबली के बच्चे कहाँ हैं? उनकी पत्नी? क्या वो सब बैठे हैं और फोन पर वीडियो देख रहे हैं? ये सब लोग जो टैग कर रहे हैं, उन्हें अपने घर जाकर अपने बुजुर्गों की देखभाल करनी चाहिए।
Mali Currington
अच्छा, तो अब जब भी कोई बूढ़ा आदमी धीरे-धीरे चल रहा हो, हमें उसे सचिन तेंदुलकर को टैग करना होगा? अगली बार कोई बाबा बाजार में बैठा हो, तो क्या हमें उन्हें भी राष्ट्रीय चिंता बनाना होगा?
INDRA MUMBA
इस वीडियो को देखकर मेरा दिल टूट गया। कांबली भाई ने जिस तरह से बल्ले से भारत के लिए जीत दिलाई, उसी तरह अब हमें उनके लिए दिल से खड़े होना होगा। सचिन जी के साथ-साथ हर उस व्यक्ति को जिसने भी क्रिकेट के लिए अपना जीवन दिया, उनकी देखभाल हमारी जिम्मेदारी है। ये सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, ये एक परंपरा है।
Anand Bhardwaj
कांबली के वीडियो को लेकर इतना शोर क्यों? अगर वो ठीक हैं, तो उन्हें शांति दो। अगर नहीं हैं, तो उनके परिवार को छोड़ दो। हम सब इतने अहंकारी क्यों हो गए हैं कि हर चीज़ में अपना हाथ डालना चाहते हैं?
RAJIV PATHAK
यह वीडियो असली है या नहीं, इसकी चर्चा अब बेकार है। सचिन तेंदुलकर की उपस्थिति अब एक सांस्कृतिक अर्थ बन चुकी है-वह एक देवता हैं जिनके पास जाने का अधिकार है। अगर वो बोल नहीं पाए, तो यह एक अस्तित्व का संकट है।
Nalini Singh
भारतीय समाज में गुरु-शिष्य का संबंध बहुत गहरा है। रमाकांत आचार्य ने दोनों को पाला, और आज उनकी दोस्ती का एक नया पहलू सामने आया है। यह वीडियो कितना भी अनिश्चित क्यों न हो, इसकी भावनात्मक गहराई को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमारे खिलाड़ियों के लिए भावनात्मक समर्थन भी एक चिकित्सा है।
Sonia Renthlei
मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि जब हम एक खिलाड़ी के बारे में बात कर रहे होते हैं, तो हम उनके खेल के रिकॉर्ड्स के बजाय उनके मानवीय पहलू को देखना चाहिए। कांबली भाई ने न केवल बल्लेबाजी की, बल्कि उन्होंने एक ऐसा आदर्श बनाया जो आज भी हमें प्रेरित करता है। अगर यह वीडियो उनकी वास्तविक स्थिति को दर्शाता है, तो हमें उनके लिए एक गुमशुदा समुदाय की जिम्मेदारी लेनी होगी-जिसमें न सिर्फ सचिन शामिल हों, बल्कि हर एक ऐसा व्यक्ति जिसने उनके खेल को प्यार किया है। उनकी आवाज़ अब उनके बच्चों, उनके दोस्तों, उनके शिष्यों की होनी चाहिए। हम सब एक परिवार हैं।